डीआरएस का फुल फॉर्म क्या है | DRS Full Form in Hindi

अगर आप भी क्रिकेट मैच देखते हो अपने घर के TV या मोबाइल फ़ोन पर तो आपने DRS का नाम जरूर सुना होगा। अगर आप भी जानना चाहते हो की डीआरएस का फुल फॉर्म क्या है क्रिकेट में (DRS Full Form in Hindi) तो ये आर्टिकल आप पूरा पढ़ सकते हो। आज आपको इस आर्टिकल द्वारा DRS Ka Full Form क्या है और इसको कब और कितनी बार लिया जाता है।

पहले के समय में जब क्रिकेट में अंपायर को लगता था आउट तो प्लेयर को आउट दिया जाता था। लेकिन अभी टेक्नोलॉजी के चलते प्लेयर चाहे तो अंपायर के डिसिशन को रिव्यु कर सकते है। अगर आप बोहोत पहले से क्रिकेट देखते है तो आपने सायद देखा होगा पहले ब्लैक एंड वाइट स्क्रीन के मदत से देखा जाता था की बॉल बैट को छुआ है या नहीं। इसके अलावा भी बोहोत कुछ जैसे बॉल कहा पिच हुआ है और स्टंप्स को छुआ है की नहीं देखके थर्ड अंपायर के द्वारा डीआरएस को परखा जाता था। अभी के समय में भी होता है। लेकिन DRS आधुनिक टेक्नोलॉजी के मदत से देखा जाता है।

DRS Full Form in Hindi

डीआरएस के ऐसा प्रक्रिया है जो बल्लेबाज और साथ में गेंदबाज के लिए काफी लव दिलाता है। DRS के मदत से खिलाडी अंपायर को दिए हुए डिसिशन को चैलेंज कर सकता है। लेकिन अगर अंपायर का डिसिशन ही बरक़रार रहता है तो जो टीम DRS लिया उस टीम का एक DRS चला जाता है।

क्रिकेट के कुछ ही ऐसे स्वब्द है जिससे छोटा आकर में कहा जाता है जैसे LBW, DRS, IPL इत्यादि। क्रिकेट में (DRS Full Form) डीआरएस का फुल फॉर्म है Decision Review System (निर्णय समीक्षा प्रणाली).

Short-FormFull-Formफुल फॉर्म
DRSDecision Review Systemनिर्णय समीक्षा प्रणाली
UDRSUmpire Decision Review Systemअंपायर निर्णय समीक्षा प्रणाली
LBWLeg Before Wicketविकेट से पहले पैर
IPLIndian Premier Leagueइंडियन प्रीमियर लीग

डीआरएस कौन ले सकता है

DRS का इस्तेमाल खिलाडी अपने और अपने टीम के लिए इस्तेमाल कर सकता है। हर इन्निंग्स में टीम को 2 डीआरएस दिया जाता है। अगर टीम फील्डिंग कर रही है तो उस टीम के कप्तान DRS का उपयोग कर सकता है। लेकिन बैटिंग करने के समय कोई भी खिलाडी DRS का उपयोग कर सकता है।

क्रिकेट में बोहोत नियम होता है। उनमे से एक ये भी की अगर मैच में फील्डिंग के दौरान कप्तान के जगह कोई और खिलाडी DRS ले लेता है तो उसे जुरमाना भी देना पद सकता है। इसका एक उदहारण है आईपीएल २०१७ में RPS v MI के बिच हुए मैच में। उस मैच के दौरान MS Dhoni ने एक DRS लिया था Imran Tahir के बॉल पर। जब की उस साल MS Dhoni कप्तान नहीं थे उस टीम के। इसके चलते MS Dhoni को उस मैच में कुछ जुरमाना देना पड़ा।

DRS का इस्तेमाल कब किया जाता है

डीआरएस का इस्तेमाल करके खिलाडी अंपायर के दिए हुए डिसिशन के बदलने का प्रयास कर सकता है। बोहोत समय अंपायर किसी खिलाडी को गलती से LBW Out दे देते है। और अगर खिलाडी जिसको आउट दिया गया है उसको लगता है की उसके बल्ले पर बॉल लगा है तो वह DRS का इस्तेमाल कर सकता है।

क्योंकि आपको सायद पता ही है LBW में अगर Bat में Ball लग जाता है तब वह Out नहीं है। इसके अलावा भी खिलाडी काफी दफा डीआरएस का इस्तेमाल करता है Ball के Pitching और Impact देखने के लिए।

ये तो हुआ बैटिंग के समय। लेकिन डीआरएस का इस्तेमाल खिलाडी फील्डिंग करने के दौरान भी इस्तेमाल कर सकता है। अगर बॉलर, विकेट कीपर और कप्तान को लगता है की कोई प्लेयर आउट है और अंपायर ने उसे आउट नहीं दिया है तो भी उस टीम के कप्तान DRS का इस्तेमाल कर सकता है।

आज कल अंपायर भी अपना डिसिशन को ठीक से देने के लिए काफी दफा थर्ड अंपायर का मदत लेता है। हलाकि इसको DRS नहीं कह सकते मगर इसके मदत से अंपायर Run Out, मुश्क्लि कैच और नो बॉल का डिसिशन सही से रिव्यु करके दे सकता है।

पढ़िए: दीपक चाहर का जीबन परिचय

DRS कितनी बार लिया जा सकता है

पहले के समय हर मैच में डीआरएस का इस्तेमाल नहीं होता था। लेकिन अभी Test, ODI, T20I, IPL के साथ साथ घरेलु मैच में भी DRS का इस्तेमाल किया जाता है। यु तो एक मैच के हर इन्निंग्स में दो करके डीआरएस दिया जाता है। लेकिन अभी के समय में DRS एक करके बढ़ाया गया है। और हर इन्निंग्स में IPL में एक के जगह दो DRS और टेस्ट मैच में हर इन्निंग्स में दो के जगह तीन डीआरएस का इस्तेमाल किया जा सकता है।

डीआरएस लेने के बाद थर्ड अंपायर उसको बारीकी से देखता है और अपना डिसिशन ग्राउंड में जो अंपायर है उन्हें बताते है। और उसके बाद अंपायर के डिसिशन के अनुसार डिसिशन को बदला जाता है या फिर पहला डिसिशन को ही बड़े स्क्रीन पर दिखाया जाता है। अभी तो हर बॉल को थर्ड अंपायर देखता है और नो बॉल चेक करता है।

DRS लेने के लिए खिलाडी को ध्यान से सोचना पड़ता है। क्योंकि अगर डीआरएस ख़तम हो गया तो फिर वह इसको दोबारा इस्तेमाल नहीं कर पायेगा। DRS लेने का समय भी बोहोत काम होता है। अगर खिलाडी को लगता है की उन्हें DRS लेना चाहिए तो उन्हें 15 सेकंड के अन्दर दोनों हाथ से सिग्नल करके अंपायर को बताना पड़ता है। और अगर 15 Second बीत जाता है तो वह उस डिसिशन को रिव्यु नहीं कर सकते है।

डीआरएस किस टेक्नोलॉजी के मदत से लिया जाता है

क्रिकेट में DRS का इस्तेमाल करके खिलाडी अपने आपको आउट से नॉट आउट और बिरोधी टीम के खिलाडी को नॉट आउट से आउट देने में इस्तेमाल कर सकता है। सबसे पहले डीआरएस लेने के बाद थर्ड अंपायर के पास जाता है और थर्ड अंपायर उसे बारीकी से देखता है।

डीआरएस तीन टेक्नोलॉजी के मदत से किया जाता है जैसे हव्कये (Hawkeye), हॉटस्पॉट टेक्नोलॉजी (Hotspot) और स्नीकोमेटेर (Snickometer). आज कल के समय स्नीकोमेटेर या फिर अल्ट्रा एज का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है।

पढ़िए: रितिका सजदेह का जीबन परिचय

DRS को धोनी रिव्यु सिस्टम क्यों कहा जाता है

जैसा की आपने पड़ा DRS Full Form है Decision Review System. डीआरएस लेने से पहले फील्डिंग कप्तान जयादातर टीम के विकेट कीपर के फैसले के ऊपर वरोसा करते है। क्योंकि विकेट कीपर ही एक अकेला ऐसा आदमी होता है जो फील्ड के हर तरह देख सकता है। और बैट्समैन और बॉलर को भी अच्छे से देखता है विकेट कीपर। महेंद्र सिंह धोनी ने अपने क्रिकेट करियर में ज्यादतर DRS लेके सफल सबिद हुए है। इसीलिए भारत के कप्तान विराट कोहली भी DRS लेने से पहले धोनी और ऋषभ पंत के डिसिशन के ऊपर ही निर्वर करते थे।

और जब जब धोनी के द्वारा ली गए DRS काम कर जाता था तब तब कमेंटेटर आकाश चोपड़ा बोलते थे ‘धोनी रिव्यु सिस्टम’. और ऐसे ही धीरे धीरे DRS का फुल फॉर्म लोग Decision Review System के जगह Dhoni Review System भी मानने लगे।

rishabh pant and ms dhoni image

धोनी ने ऐसे बोहोत काम किये जिससे अपने और अपने साथी खिलाडी को DRS लेके आउट से नोट आउट करवाया है। बात करे अगर ऐसे कुछ मैच के बारे में तो 2017 में युवराज सिंह को भारत बनाम इंग्लैंड के 2nd ODI में, 2017 में भारत बनाम श्रीलंका 1st ODI में जसप्रीत बुमराह और भी काफी सरे।

FAQ: DRS Ka Full Form

1. DRS का Full Form क्या है?

डीआरएस का फुल फॉर्म है Decision Review System (निर्णय समीक्षा प्रणाली).

2. डीआरएस का इस्तेमाल कितनी बार किया जाता है?

DRS का इस्तेमाल हर इन्निंग्स में दो बार और अभी कोरोना के चलते आईपीएल में एक बार और टेस्ट मैच में एक बार करके डीआरएस बढ़ाया गया है।

3. डीआरएस कितनी समय में लिया जाता है?

डीआरएस खिलाडी सिर्फ 15 Sec के अन्दर ले सकता है।

4. DRS कौन ले सकता है?

फील्डिंग करने के दौरान फील्डिंग टीम के कप्तान और बैटिंग के समय कोई भी खिलाडी अगर डीआरएस उपलब्ध है तो उसे इस्तेमाल कर सकता है।

5. डीआरएस का इस्तेमाल कब किया जाता है?

DRS का इस्तेमाल LBW, रन आउट, बॉल पिचिंग, इम्पैक्ट, मुश्क्लि कैच को दोबारा देखने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

6. F1 में DRS का Full Form क्या है?

F1 में DRS का Full Form है Drag Reduction System.

Suvam Biswas

Suvam Biswas इस ब्लॉग का मालिक है। Suvam को क्रिकेट के बारे में जानकारी पाना और उसको आसान भासा में लिखना पसनद है। इस ब्लॉग पर ज्यादातर आपको क्रिकेट, आईपीएल, खिलाडी के जीबनि और खेल जगत से जुड़ी बाते हिंदी भासा में पड़ने को मिलेंगे।

Leave a Comment

close