डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है और इससे पैसे कैसे कमाए

घर बैठे ट्रेडिंग करके पैसा कमाना हर कोई चाहता है. आज कल ट्रेडिंग करने के लिए काफी सरे ट्रेडिंग ऐप्स उपलब्ध है. लेकिन उन सब ट्रेडिंग ऐप में निवेश करने से पहले आपको ये सहजना होगा होगा की डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है, इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करे, ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते हैं, ट्रेडिंग करने के लिए कितना चार्ज लगता है इत्यादि. अगर आपको इन सभी चीज़ो में अच्छा ज्ञान हैं तो आपको काफी आसानी होगी ट्रेडिंग करने में.

डिलीवरी ट्रेडिंग में आपको शेयर खरीदके उसे डीमैट अकाउंट में होल्ड करके रखना होगा. इसमें कोई दिन की पाबंधी नहीं होती. आप जितने दिन चाहो उतने दिनों तक शेयर को आपने डीमैट अकाउंट में होल्ड करके रख सकते हो. लेकिन इंट्राडे ट्रेडिंग में ऐसा नहीं होता हैं. इंट्राडे में आपको शेयर एक दिन में ही खरीदके उसी दिन उसे बेच देना होता हैं. इससे आपको एक दिन में प्रॉफिट कमाने का मौका मिलता हैं और स्टॉक प्राइस कम होने पर बोहोत लोस्स भी हो जाता हैं. डिलीवरी ट्रेडिंग में आपको शेयर खरीदके बेचने में कम से कम दो दिन समय लगता हैं. जो लॉन्ग टर्म तक शेयर होल्ड करके रखना चाहता हैं उनके लिए डिलीवरी ट्रेडिंग अच्छा बिकल्प हैं.

किसी भी कंपनी के शेयर को खरीदने से पहले आपको डिलीवरी और इंट्राडे में से किसी एक को चूंकि स्टॉक खरीदना पड़ेगा. आपको हैमिषा कंपनी के बारे में अच्छे से रिसर्च करके फिर उसमे निवेश करना चाहिए. ऐसा न करने पर आपको काफी दिक्कत आ सकती हैं. चलिए और जानते है Delivery Trading के बारे में.

डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है

किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने से पहले आपको उस कंपनी के बारे में अच्छे से पता कर लेना चाहिए. शेयर मार्केट में पैसा आप ऑनलाइन या ऑफलाइन इन्वेस्ट कर सकते हो. चाहे आप ऑनलाइन ट्रेडिंग करो या ऑफलाइन, आपके पास एक डीमैट अकाउंट और एक ट्रेडिंग अकाउंट का होना बोहोत जरुरी है.

भारत में बोहोत से ट्रेडिंग ऐप्स है जिससे आप आपके लिए एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट बनाके इन्वेस्ट कर सकते हो. कुछ ऐसे ही ट्रेडिंग ऐप्स है Upstox, Zerodha, 5Paisa, Groww इत्यादि. इनमे से या फिर किसी और ट्रेडिंग ऐप में जाकर आप आपके पैसा को इन्वेस्ट करके प्रॉफिट कमा सकते हो.

डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है

डिलीवरी ट्रेडिंग एक ऐसा बिकल्प है जिससे आप लॉन्ग टर्म शेयर मार्केट में निवेश कर सकते हैं. इसमें निवेश करने के लिए आपके पास पर्याप्त धनराशि होना चाहिए. मतलब अगर किसी शेयर का प्राइस ₹500 है और आप उसका 100 शेयर लेना चाहते हो तो आपके पास ₹50000 होना चाहिए. उससे कम पैसा होने पर आप 100 शेयर नहीं ले पाएंगे उस कंपनी का. डिलीवरी ट्रेडिंग में आपके शेयर का मालिकाना आपके पास ही रहेगा.

कृपया ध्यान रखिये अगर आपके पास कोई डीमैट अकाउंट नहीं है तो आप डिलीवरी ट्रेडिंग में निवेश नहीं कर पाएंगे. क्योंकि डिलीवरी ट्रेडिंग में आपको शेयर होल्ड करके रखना होता हैं. और ये शेयर जमा होता है आपके डीमैट अकाउंट पर. आप बोहोत लम्बे समय तक आपके स्टॉक को होल्ड करके रख पाएंगे.

Delivery Trading Rules Hindi

  • इस तरह के ट्रेडिंग के आप जितना दिन चाहो उतने दिनों तक शेयर को होल्ड करके रख सकते हो.
  • किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने से पहले उसके फंडामेंटल एनालिसिस करना चाहिए.
  • अलग अलग कंपनी के शेयर में निवेश करने से पोर्टफोलियो अच्छा दीखता है और डायवर्सिफाई होता है.
  • सही समय आने पर अपने शेयर को बेचिए. जल्द बजी करना सही नहीं है.
  • डिलीवरी ट्रेडिंग करने के लिए आपके अकाउंट में जरुरी धनराशि होना चाहिए ताकि आपको स्टॉक खरीदने और बेचने में को दिक्कत न आये.
  • इंट्राडे ट्रेडिंग के तरह डिलीवरी ट्रेडिंग में भी आपको टारगेट प्राइस और स्टॉप लॉस सेट करके रखना चाहिए.
  • Delivery Trading में बेचे गए शेयर प्राइस तुरंत आपके अकाउंट में नहीं आता. इसमें दो दिन समय लगता है.

डिलीवरी ट्रेडिंग के फायदे

  • इस तरह के ट्रेडिंग का रिस्की माना जाता है.
  • डिलीवरी ट्रेडिंग में इंट्राडे के तरह एक साथ ज्यादा नुकसान होने का दर नहीं रहता है.
  • आप जितना दिन चाहो स्टॉक होल्ड करके रख सकते हो.
  • डिलीवरी ट्रेडिंग में Short Selling का कोई दर नहीं रहता है.
  • डिलीवरी ट्रेडिंग में अच्छा पोर्टफोलियो होने पर आपको बैंक लोन मिलने का सुबिधा भी मिलता है.
  • आपको कोई ब्रोकरेज चार्ज नहीं देना पड़ता है.
  • आप अलग अलग कंपनी का शेयर खरीदके एक स्ट्रांग पोर्टफोलियो बना सकते हो.

डिलीवरी ट्रेडिंग का नुकसान

  • इस तरह के ट्रेडिंग में आपको लम्बे समय के लिए शेयर होल्ड करके रखना होता है.
  • शेयर को आप तुरंत नहीं बेच सकते है.
  • शेयर खरीदने और बेचने के लिए आपके पास पूरा धनराशि होना चाहिए.
  • एक दिन में आप शेयर बेचके पूरा पैसा नहीं पाएंगे.
  • लम्बे समय तक शेयर डीमैट अकाउंट पर रखने से लॉस होने का दर भी रहता है.
  • ज्यादा दिन तक शेयर होल्ड करने से पैसा बर्न का कोई गारंटी नहीं रहता है.

इंट्राडे ट्रेडिंग vs डिलीवरी ट्रेडिंग

ट्रेडिंग करने से पहले आपको जानना पड़ेगा ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते है उसके बारे में. अब तक आपको पता चल गया होगा इंट्राडे ट्रेडिंग और डिलीवरी ट्रेडिंग किसे कहते है. ये दो प्रकार के ट्रेडिंग में काफी अंतर है. अगर आप सही से इसे जानले तो आपको काफी आसानी होगी ट्रेडिंग करने में.

Delivery Trading: इस प्रकार के ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना जरुरी है. डिलीवरी ट्रेडिंग के मदत से आप स्टॉक, कमोडिटीज,बांड्स, म्यूच्यूअल फंड्स इत्यादि ले सकते हो. आप जितना दिन चाहो उतने दिन तक शेयर को होल्ड करके रख सकते हो. आपके ख़रीदे गए शेयर के ओनरशिप, आप ही के पास रहेगा. अलग अलग ट्रेडिंग ऐप में आप डीमैट अकाउंट बना सकते हो एक ही आदमी के PAN Card देकर. ज्यादातर लोग डिलीवरी ट्रेडिंग करते है लॉन्ग टर्म शेयर मार्केट में पैसा निवेश करने के लिए. कुछ ट्रेडिंग ऐप आपसे पैसा चार्ज कर सकते है और ज्यादातर ऐप डिलीवरी ट्रेडिंग के लिए कोई पैसा नहीं लेता. इसमें काम से काम दो तीन तक समय लगता है. शेयर बेचके पैसा तुरंत आपके अकाउंट में नहीं आएगा. डिलीवरी ट्रेडिंग में किसी शेयर को खरीदने से पहले आपके आकउंट में पूरा पैसा होना चाहिए.

Intraday-Trading-rules-hindi

Intraday Trading: इस प्रकार के ट्रेडिंग में आपको शेयर एक दिन में खरीदके उसे बेचना होगा. इंट्राडे ट्रेडिंग को डे ट्रेडिंग भी कहा जाता है. अगर आप आपने शेयर Square Off नहीं करते है तो वह automatically बेचा जायेगा आपके ब्रोकर के तरफ से. इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर की ओनरशिप आपके पास नहीं रहेगा. और आप शेयर के प्राइस के बोहोत काम प्राइस में उसे खरीद पाओगे. ज्यादातर फुल टाइम ट्रेडर्स इसे उपयोग करते है जल्द पैसा कमाने के लिए. इसमें आप बोहोत जल्द पैसा कमा भी सकते हो और मार्केट इधर उधर होने पर बोहोत पैसा कुछ पल में गवा भी सकते हो. इसीलिए इंट्राडे ट्रेडिंग को डिलीवरी ट्रेडिंग से ज्यादा रिस्की माना जाता है.

FAQs: Delivery Trading Kaise Kare

1. डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है?

जब आप शेयर खरीदके उसे लॉन्ग टर्म के लिए अपने डीमैट अकाउंट में होल्ड करके रखते है तब उसे डिलीवरी ट्रेडिंग कहा जाता है. आप जितना दिन चाहो स्टॉक होल्ड करके रख सकते हो. और सही समय आने पर उसे बेचके प्रॉफिट कमा सकते हो.

2. डिलीवरी व्यापारी कैसे पैसा कमाते हैं?

डिलीवरी ट्रेडिंग में लोग शेयर को कम कीमत में खरीदके उसे लॉन्ग टर्म के लिए आपने डीमेट अकाउंट में होल्ड करके रखते है और सही समय आने पर उसे ज्यादा पैसा में बेचके प्रॉफिट कमाते है. लेकिन ऐसा करने के लिए एक डीमैट और एक ट्रेडिंग अकॉउंट होना चाहिए. और शेयर मार्केट से पैसा कमाने के लिए काफी ज्यादा रिसर्च और फंडामेंटल एनालिसिस भी करना चाहिए.

3. डिलीवरी मार्जिन क्या है?

आप किसी भी शेयर को उसके प्राइस के बोहोत काम प्राइस में खरीद सकते हो. और बाकि के पैसा आपके ब्रोकर प्रदान करते है. इससे आप एक साथ कम प्राइस में काफी ज्यादा शेयर खरीद सकते हो. इसमें प्रॉफिट के साथ साथ नुकसान भी काफी ज्यादा होता है.

Arpan Banerjee

Arpan Banerjee इस ब्लॉग का एक लेखक है. अर्पन का पेशा है ब्लॉग लिखना और वीडियो बनाना. अर्पण को शेयर मार्केट, क्रिप्टोकोर्रेंसी और इन्वेस्टमेंट के ऊपर जानकारी लेना और उसके बारे में लोगोको बताना काफी अच्छा लगता है. आप इस ब्लॉग पर एफिलिएट मार्केटिंग, शेयर मार्केट और क्रिप्टोकोर्रेंसी के ऊपर हिंदी में आर्टिकल पड़ पाएंगे.

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